सुखी वैवाहिक जीवन के उपाय

[Total: 3    Average: 5/5]

सुखी वैवाहिक जीवन के उपाय

मनुष्य प्रारंभिक अवस्था में यायावर था| किसी पशु की भांति शिकार करता था, विपरीत लिंगी से समागम करता था बच्चे पैदा करता था| मगर जैसे जैसे वह सभ्य होता गया वह रिश्तों से जुड़ने लगा| उसने कई रिश्ते बनाए| ये तमाम रिश्ते जीवन को सुखद बनाने के लिए थे| हर रिश्ते की अपनी अलग परिभाषा अलग महत्व| यहाँ तक कि बुढ़ापे में जब इंसान काम नहीं कर पाता तब उसकी देख रेख की व्यवस्था संतान को सौंपी गई| स्त्री संतान को जन्म देती है| कई महीनो तक उपार्जन के योग्य नहीं रहती, इसलिए उसकी देख रेख परिवार के अन्य सदस्यों पर सौंपी गई| मगर कालान्तर में यह देखा गया कि परिवार के भीतर भी इंसान सुखी नहीं है| ख़ास तौर पर जब पति-पत्नी में अनबन की स्थिति हो तो घर नरक बन जाता है| पति – पत्नी तो भुगतते ही हैं साथ में मासूम बच्चे भी गेहूं में घुन की तरह पिसने लगते हैं| इसका कारण पति और पत्नी दोनों की नादानी ही कही जाएगी| दोनों में से एक कोई सहनशील हो तो दूसरा पक्ष उसे दबाने लगता है| कभी पत्नी साक्षात चंडिका का वेश धारण कर लेती है इसलिए घर अशांत रहता है तो कभी पति दुर्वासा की भूमिका निभाने लगता है| दोनों ही परिस्थितियाँ असहज हैं| पहले के जमाने में वर और वधु दोनो की उम्र कम होती थी| सामाजिक व्यवस्था सिखाती थी कि पति को शासन करना है और पत्नी को शासित होना है| यह स्थिति भी अच्छी नहीं कही जाएगी|

सुखी वैवाहिक जीवन के उपाय
सुखी वैवाहिक जीवन के उपाय

इसमें एक पक्ष हमेशा दमित ही रहता है| आज समय बदल चुका है| लड़का लड़की दोनों सचेत हैं| ऐसे में इगो का टकराव वैवाहिक जीवन को तहस नहस कर के रख देती है| ऐसे में कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है| –

  • प्रथमतया यह स्वीकार करना होगा कि घर पति और पत्नी दोनों का है| इसमें वर्चस्व स्थापित करने की चेष्टा दोनों में से किसी को नहीं करने चाहिए|
  • आज के इस अर्थ युग में पति पत्नी दोनों कामकाजी होते है| ऐसे में घर का सारा काम पत्नी के ऊपर छोड़ देना नाइंसाफी है| जब जिसे समय मिले उसे घरेलू काम निपटा लेना चाहिए| इससे जीवनसाथी के मन में आपके प्रति आदर भाव जागता है|
  • जहां पत्नी नौकरी न करती हो वहाँ भी यह मानना गलत है कि वह दिन भर पड़ी रहती है| जब तक दोनों पक्ष एक दूसरे का सम्मान नहीं करेंगे तब तक वैवाहिक जीवन सफल नहीं हो सकता|
  • दोषारोपण से बचें| परिवार दोनों का है| किसी से भी भूल हो सकती है| छोटी छोटी गलतियों को तूल देकर घर की शान्ति भंग करने की बजाए उसे नज़रअंदाज करना बेहतर होता है|
  • साथ रहने की अलग सी समझ होती है| इसमें पसंद नापसंद, मूड बहुत कुछ शामिल होता है| पति पत्नी दोनों को इस बात का ख्याल रखना चाहिए|
  • व्यक्तिगत स्पेस भी वैवाहिक जीवन में अत्यधिक महत्वपूर्ण है| कहते है बहुत नज़दीक से देखने पर चीजें दिखाई नहीं देती है| इसलिए हर बात खोद खोद कर पूछने की लत से बचें|
  • जीवन के इस आपाधापी में इन्सान के पास जो थोड़ा बहुत समय बचता है आज उस पर मोबाइल का कब्जा हो गया है| एक दूसरे के साथ वक्त गुजारे| शादी हो जाने के बाद रोमांस की ह्त्या कर देना समझदारी नहीं है| रोमांस को बचाकर रखना सुखी वैवाहिक जीवन की गारंटी है|

 

सुखी दाम्पत्य जीवन के टोटके

  • अगर पति – पत्नी में हमेशा किच – किच होती हो तो रात में सोने से पहले पलंग पर पत्नी जिस तरफ सोती है उस तरह कपूर रख देना चाहिए और जिस तरफ पति सोता हो उस तरफ कामिया सिन्दूर रख देना चाहिए| अगले दिन प्रातः काल पति कपूर जला दे और पत्नी सिन्दूर घर में फैला दे| इस क्रिया से दोनों के मनभेद दूर होते हैं, समझदारी बढ़ती है| घर में क्लेश की स्थिति दूर होती है| यदि लंबा झगडा चल रहा हो तो वह भी दूर हो जाता है|
  • यदि झगडे की वजह से पति पत्नी दूर हो गए हो तो बरगद के पत्ता लें, अब रक्त चन्दन गंगाजल की सहायता से घिस लें और पत्ते पर पति पत्नी का नाम लिखे या पत्नी अपने पति का नाम लिखे| तत्पश्चात पत्ते पर तोड़कर लाल गुलाब की पट्टियां रखें| अब इन्हें पीस लें| जिस व्यक्ति का नाम लिखा उसके नाम में जितने अल्फाबेट्स हों उतनी गोलियां बना लें| इसके बाद प्रतिदिन जिस व्यक्ति का नाम लिखा है वह जहां रहता हो, उसके मुख्य द्वार पर एक गोली प्रतिदिन फेंक दें| कुछ ही दिन में उस व्यक्ति का ह्रदय परिवर्तन हो जाएगा| और वह वापस आ जाएगा|
  • घर में पति पत्नी के बीच हमेशा लड़ाई झगडा होता हो तो नीयम से आटा सोमवार के दिन ही पिसवाएं| आटा पिसवाने से पहले उसमे थोड़े से काले चने मिला दें| नियमित रूप से इसी आटे का उपयोग करें| घर में शान्ति का आगमन होगा| लड़ाई झगडे कम होते चले जाएंगे|
  • पति पत्नी दोनों अपने भोजन में से कुछ हिस्सा निकालकर चिड़िया को दाने डाले| इससे भी प्रेमभाव बढ़ता है|
  • बेल के तीन पत्ते लें| इस पर गोरोचन और हल्दी के लेप से अपने पति का नाम मोर पंख की कलम से लिखें| अब इसे किसी चांदी की डिबिया में बंद कर दें और पूजा स्थल पर रख दें| ऐसा करने से पति पत्नी में मनमुटाव दूर होता है|
  • भोजन करते समय पति पत्नी एक दूसरे की नज़र बचाकर एक दूसरे की थाली से कुछ निकालकर खा लें| यह आजमाया हुआ टोटका है|
  • नित्य की पूजा दोनों साथ बैठकर करें| साथ आरती गाएँ| इससे वातावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है|